आपकी बहन सेक्सी क्यों नहीं
सभी महिलाओं के शरीर की संरचना एक है, फिर भी हम अपनी बहनों या
बेटियों की ओर आकर्षित नहीं होते। क्या वाकई ये विकृत मानसिकता का
परिचायक है। सड़क पर मनचले लड़कियों को छेड़ने सा बाज नहीं आते। स्कूल हो या कॉलेज, अमूमन हर जगह आपको ऐसी
गंदी हरकत और सोच वाले लोग मिल ही जाएंगे। लेकिन क्या कभी सोचा है, कि लोग अपनी बहनों-बेटियों को क्यों नहीं
छेड़ते। मैंने अक्सर ये कहते सुना है, कि फलां बड़ी हॉट दिख रही है, फलां बड़ी सेक्सी है।
आजकल के युवा तो कपड़ों के भीतर तक झांककर शरीर भी देख लेते हैं। उनकी पारखी
नज़रों को मानना होगा, कि वो कपड़े के भीतर की उभार की साइज़ भी बता देते
हैं। हालत ऐसी हो गयी है, कि लोग आंखों से देख-देखकर ही बलात्कार कर
डालते हैं। मुहल्ले की चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची, छठी क्लास में
पहुंचते-पहुंचते ऐसे घूरने वालों की नज़रों की वजह से कब जवां हो जाती है, ये उसे भी पता नहीं चलता। कहानीकार हरिशंकर परसाई की एक पंक्ति याद आ रही हैं। "एक मुहल्ला ऐसा जहां
घूर-घूर कर लड़कियों को जवान बना दिया जाता है।" मेरा सवाल
यह कि क्या आप अपनी बेटियों को घूरकर जवान नहीं बना सकते। क्या आप अपनी बहनों को
घूर-घूरकर जवान नहीं बना सकते। जवाब
होगा नहीं। लेकिन आखिर क्यों। शरीर की वो तमाम संरचनाएं जो हॉट एंड सेक्सी
लड़कियों में आप देखते हैं, वो आपकी बहनों में भी मौजूद है, फिर उन्हें क्यों
नहीं। तो क्या सच में गंदी सोच और गंदी नियत सिर्फ दिमाग में होती है। वरना शरीर की बनावट तो सभी की बहन-बेटियों की भी वही होती है।
वेद प्रकाश
वेद प्रकाश
Logical thinking... Everyone should think nd act.
ReplyDeleteThnku
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